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Friday, June 30, 2017

अटल आशा


   ब्राज़ील देश में रिओ डी जेनेरियो शहर के निकट पहाड़ की चोटी पर बनी ’क्राईस्ट द रिडीमर’ की प्रसिद्ध प्रतिमा है। यह, अपनी बाहें फैलाए हुए मसीह यीशु की मूर्ति है, जिसके शरीर और बाहों का आकार क्रूस का सा आकार बनाता है। इस प्रतिमा की रूपरेखा ब्राज़ील के वास्तुकार हीटोर डि सिल्वा कॉस्टा ने बनाई थी। उन्होंने यह कल्पना की थी कि रिओ डी जेनिरियो के निवासी रात के अन्धकार के बाद, प्रातः, दिन के पहले उजाले में उस प्रतिमा को देखेंगे, और संध्या के समय ढलता हुआ सूरज उस प्रतिमा के पीछे चमकता हुआ गोलाकार बनाएगा।

   अपने उद्धारकर्ता पर प्रतिदिन, चाहे वह भला समय हो या कठिनाई का समय हो, दृष्टि लगाए रखना बहुत भला रहता है। परमेश्वर के वचन के एक पात्र अय्युब ने, अपने दुःख और परीक्षा की घड़ी में कहा, "मुझे तो निश्चय है, कि मेरा छुड़ाने वाला जीवित है, और वह अन्त में पृथ्वी पर खड़ा होगा" (अय्यूब 19:25)।

   अय्यूब के दिल की पुकार हमें प्रभु यीशु मसीह की ओर - जो हमारा जीवता उद्धाकर्ता है, इंगित करती है; उस प्रभु परमेश्वर की ओर जो हमें अपने साथ रखने के लिए ले जाने के लिए एक दिन फिर से पृथ्वी पर आएगा (1 थिस्सलुनीकियों 4:16-18)। प्रभु यीशु मसीह पर दृष्टि लगाए रखने का अर्थ है सदा स्मरण रखना कि प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर दिए गए बलिदान और मृतकों में से उनके पुनरुत्थान के कारण आज हमें अपने पापों से क्षमा तथा छुटकारा मिला है; यीशु, "जिसने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध कर के अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो" (तीतुस 2:14)।

   जिस किसी ने प्रभु यीशु को अपने उद्धाकर्ता के रूप में स्वीकार कर लिया है, उसके पास आज आनन्दित होने का कारण है। हमें इस पृथ्वी पर आज चाहे जो भी सहना पड़े, किंतु हम मसीही विश्वासियों के पास यह अटल आशा है कि हम अपना अनन्तकाल अपने प्रभु परमेश्वर के साथ अनन्त आनन्द में बिताएंगे। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


क्रूस पर अपने बलिदान और मृतकों में से अपने पुनरुत्थान के द्वारा 
प्रभु यीशु बचाता और उद्धार देता है।

यहोवा, जो इस्राएल का राजा है, अर्थात सेनाओं का यहोवा जो उसका छुड़ाने वाला है, वह यों कहता है, मैं सब से पहिला हूं, और मैं ही अन्त तक रहूंगा; मुझे छोड़ कोई परमेश्वर है ही नहीं। - यशायाह 44:6

बाइबल पाठ: अय्यूब 19:23-29
Job 19:23 भला होता, कि मेरी बातें लिखी जातीं; भला होता, कि वे पुस्तक में लिखी जातीं, 
Job 19:24 और लोहे की टांकी और शीशे से वे सदा के लिये चट्टान पर खोदी जातीं। 
Job 19:25 मुझे तो निश्चय है, कि मेरा छुड़ाने वाला जीवित है, और वह अन्त में पृथ्वी पर खड़ा होगा। 
Job 19:26 और अपनी खाल के इस प्रकार नाश हो जाने के बाद भी, मैं शरीर में हो कर ईश्वर का दर्शन पाऊंगा। 
Job 19:27 उसका दर्शन मैं आप अपनी आंखों से अपने लिये करूंगा, और न कोई दूसरा। यद्यपि मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर चूर चूर भी हो जाए, तौभी मुझ में तो धर्म का मूल पाया जाता है! 
Job 19:28 और तुम जो कहते हो हम इस को क्योंकर सताएं! 
Job 19:29 तो तुम तलवार से डरो, क्योंकि जलजलाहट से तलवार का दण्ड मिलता है, जिस से तुम जान लो कि न्याय होता है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 17-19
  • प्रेरितों 10:1-23


Thursday, June 29, 2017

अनिच्छुक और प्रतिरोधी


   बहुत वर्ष पहले, जल में सुरक्षित रहने के पाठ सीखते समय हमें सिखाया गया कि किसी डूबते हुए व्यक्ति को, जो बचाए जाने का प्रतिरोध कर रहा है, कैसे बचाना है। हमारे प्रशिक्षक ने हमें बताया, "उस व्यक्ति के पीछे से उसके निकट आएं, और अपना एक हाथ उसकी छाती और छटपटाती हुई बाहों पर लपेटकर, सुरक्षित स्थान की ओर तैरना आरंभ कर दें।" जब हम डर के मारे घबराए हुए होते हैं तो ऐसे में हमारी सोचने और सही निर्णय करने की क्षमता अवरुद्ध हो जाती है; तब हमें उस परिस्थिति से निकालने के लिए कुछ हद तक विवश करना पड़ता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम एक घटना पढ़ते हैं, जब दो स्वर्गदूत लूत और उसके परिवार को सदोम तथा अमोरा के विनाश से बचाने के लिए परमेश्वर की ओर से आए (उतपत्ति 19:12-13) तो उन्हें लूत के परिवार के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। लूत के दामादों ने उनकी इस चेतावनी को ठट्ठों में उड़ा दिया (पद 14)। जब उन स्वर्गदूतों ने लूत से कहा कि वे लोग विलंब न करें और उस स्थान से जल्दी से निकल जाएं, तो उसने संकोच किया (पद 15)। तब, "...उन पुरूषों ने उसका और उसकी पत्नी, और दोनों बेटियों का हाथ पकड़ लिया; क्योंकि यहोवा की दया उस पर थी: और उसको निकाल कर नगर के बाहर कर दिया" (पद 16)।

   जब हम मसीही विश्वास की अपनी यात्रा पर विचार करते हैं, तो हम देखने पाते हैं कि परमेश्वर अनेकों बार उसके प्रति हमारे प्रतिरोध और हिचकिचाहट के बावजूद, कैसे हमेशा हमारा विश्वासयोग्य सहायक बना रहा है। जब हम ऐसे लोगों को देखें जो आत्मिक हताशा और अनिश्चितता में होकर भयभीत हैं, परिस्थिति से निकलने के लिए इधर-उधर हाथ-पाँव मार रहे हैं, तो हम परमेश्वर की बुद्धिमता द्वारा उन्हें प्रभु परमेश्वर के प्रेम के बारे में बता और समझा सकें - और यही प्रत्येक उस व्यक्ति के साथ भी कर सकें, जो प्रभु परमेश्वर के द्वारा बचाए जाने के लिए अनिच्छुक है, उसका प्रतिरोध कर रहा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की दया हमारे प्रतिरोध पर जयवंत रहती है।

यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है। वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा। उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है। - भजन 103:8-10

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 19:12-25
Genesis 19:12 फिर उन पाहुनों ने लूत से पूछा, यहां तेरे और कौन कौन हैं? दामाद, बेटे, बेटियां, वा नगर में तेरा जो कोई हो, उन सभों को ले कर इस स्थान से निकल जा। 
Genesis 19:13 क्योंकि हम यह स्थान नाश करने पर हैं, इसलिये कि उसकी चिल्लाहट यहोवा के सम्मुख बढ़ गई है; और यहोवा ने हमें इसका सत्यनाश करने के लिये भेज दिया है। 
Genesis 19:14 तब लूत ने निकल कर अपने दामादों को, जिनके साथ उसकी बेटियों की सगाई हो गई थी, समझा के कहा, उठो, इस स्थान से निकल चलो: क्योंकि यहोवा इस नगर को नाश किया चाहता है। पर वह अपने दामादों की दृष्टि में ठट्ठा करने हारा सा जान पड़ा। 
Genesis 19:15 जब पौ फटने लगी, तब दूतों ने लूत से फुर्ती कराई और कहा, कि उठ, अपनी पत्नी और दोनो बेटियों को जो यहां हैं ले जा: नहीं तो तू भी इस नगर के अधर्म में भस्म हो जाएगा। 
Genesis 19:16 पर वह विलम्ब करता रहा, इस से उन पुरूषों ने उसका और उसकी पत्नी, और दोनों बेटियों का हाथ पकड़ लिया; क्योंकि यहोवा की दया उस पर थी: और उसको निकाल कर नगर के बाहर कर दिया। 
Genesis 19:17 और ऐसा हुआ कि जब उन्होंने उन को बाहर निकाला, तब उसने कहा अपना प्राण ले कर भाग जा; पीछे की और न ताकना, और तराई भर में न ठहरना; उस पहाड़ पर भाग जाना, नहीं तो तू भी भस्म हो जाएगा। 
Genesis 19:18 लूत ने उन से कहा, हे प्रभु, ऐसा न कर: 
Genesis 19:19 देख, तेरे दास पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि हुई है, और तू ने इस में बड़ी कृपा दिखाई, कि मेरे प्राण को बचाया है; पर मैं पहाड़ पर भाग नहीं सकता, कहीं ऐसा न हो, कि कोई विपत्ति मुझ पर आ पड़े, और मैं मर जाऊं: 
Genesis 19:20 देख, वह नगर ऐसा निकट है कि मैं वहां भाग सकता हूं, और वह छोटा भी है: मुझे वहीं भाग जाने दे, क्या वह छोटा नहीं है? और मेरा प्राण बच जाएगा। 
Genesis 19:21 उसने उस से कहा, देख, मैं ने इस विषय में भी तेरी बिनती अंगीकार की है, कि जिस नगर की चर्चा तू ने की है, उसको मैं नाश न करूंगा। 
Genesis 19:22 फुर्ती से वहां भाग जा; क्योंकि जब तक तू वहां न पहुचे तब तक मैं कुछ न कर सकूंगा। इसी कारण उस नगर का नाम सोअर पड़ा। 
Genesis 19:23 लूत के सोअर के निकट पहुंचते ही सूर्य पृथ्वी पर उदय हुआ। 
Genesis 19:24 तब यहोवा ने अपनी ओर से सदोम और अमोरा पर आकाश से गन्धक और आग बरसाई; 
Genesis 19:25 और उन नगरों को और सम्पूर्ण तराई को, और नगरों को और उस सम्पूर्ण तराई को, और नगरों के सब निवासियों, भूमि की सारी उपज समेत नाश कर दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 14-16
  • प्रेरितों 9:22-43


Wednesday, June 28, 2017

कार्य तथा कार्यरत


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 134 केवल तीन ही पद का भजन है; परन्तु यह छोटा सा भजन दिखाता है कि छोटी बातों में भी बड़े अर्थ होते हैं; छोटी चीज़ें भी बहुत महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इस भजन के पहले दो पद परमेश्वर के भवन में प्रति रात्रि कार्यरत सेवकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। संध्या होने के बाद वह भवन अंधेरा और अकेला हो जाता था; और ऐसा प्रतीत होता था कि वहाँ कोई कार्यवाही नहीं चल रही है। परन्तु इन सेवकों को प्रोत्साहित किया गया कि, "अपने हाथ पवित्र स्थान में उठा कर, यहोवा को धन्य कहो" (पद 2)। इस भजन का तीसरा पद उन सेवकों के लिए उनके प्रतिफल से संबंधित रात्रि के अंधकार और एकाकीपन में से आने वाली एक आवाज़ है, "यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन में से तुझे आशीष देवे" (पद 3)।

   मैं अनेकों स्थानों पर कार्यरत परमेश्वर के अनेकों सेवकों के बारे में सोचता हूँ, छोटे-छोटे स्थान और वहाँ के छोटे-छोटे चर्च तथा मसीही मण्डलियाँ। संभव है कि कभी-कभी वे अपने आप को अकेला अनुभव करते हों, अपनी परिस्थितियों और अकेलेपन के कारण निराश होते हों। उन्हें प्रतीत हो सकता है कि उनके कार्यों, कठिनाईयों, आवश्यकताओं को कोई देख ही नहीं रहा है, किसी को भी न तो उनका बोध है और न ही उनकी चिंता है। क्या कोई उनके बारे में सोचता है, उनके लिए प्रार्थना करता है, उन्हें अपने जीवन का अंग मानता है?

   जो भी अपने आप को अकेला या महत्वहीन समझ रहे हैं, मैं उन सब से यह कहना चाहता हूँ: चाहे आपका निवास अथवा कार्य स्थान छोटा है, किंतु वह पवित्र-स्थान है। वह जिसने स्वर्ग और पृथ्वी को बनाया है, आपको संभालता और चलाता है, वही परमेश्वर आपका भी ध्यान रखता है और आप में होकर औरों के भले के लिए वह कार्यरत भी है। इसलिए आप जहाँ कहीं भी हों, अपने हाथ उठाएं और प्रभु परमेश्वर का, उसके कार्यों तथा कार्यरत रहने के लिए स्तुतिगान करें। - डेविड रोपर


जो भी परमेश्वर का कार्य, 
परमेश्वर के अनुसार करता है, 
वह परमेश्वर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें! हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं - विलापगीत 3:40-41

बाइबल पाठ: भजन 134
Psalms 134:1 हे यहोवा के सब सेवकों, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। 
Psalms 134:2 अपने हाथ पवित्र स्थान में उठा कर, यहोवा को धन्य कहो। 
Psalms 134:3 यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन में से तुझे आशीष देवे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


Tuesday, June 27, 2017

संपूर्ण कहानी


   हाल ही में जब मेरे 5 वर्षीय पोते डैलस ने मुझ से पूछा, "यीशु क्रूस पर क्यों मारे गए?" तब हम ने बैठकर कुछ बातचीत की और मैंने उसे पाप के बारे में और प्रभु यीशु द्वारा संसार के सभी लोगों के समस्त पापों का दण्ड उठा लेने और उनके लिए अपना बलिदान देने की बात समझाई। इसके बाद वह खेलने के लिए चला गया। कुछ ही देर में मैंने देखा कि डैलस अपनी 5 वर्षीय चचेरी बहन केटी को समझा रहा था कि प्रभु यीशु क्रूस पर क्यों मारे गए। केटी ने उससे कहा, "लेकिन यीशु तो जीवित हैं।" डैलस ने उत्तर दिया, "नहीं, वो मर गए हैं, दादा ने मुझे बताया है; वे क्रूस पर लटका कर मारे गए।" मुझे एहसास हुआ कि मैंने डैलस को संपूर्ण कहानी नहीं बताई थी। इसलिए हमने बैठकर फिर से बातचीत की, और उसे समझाया कि क्रूस पर मारे जाने के तीन दिन पश्चात प्रभु यीशु मृतकों में से पुनः जी उठे थे। मैंने सारी कहानी फिर से उसे अच्छे से समझाई जिस से कि वह समझ सका कि यद्यपि प्रभु यीशु हमारे लिए मारे गए थे, परन्तु फिर मृतकों में से जी उठे और आज हम सब के जीवित प्रभु हैं।

   मेरे लिए यह अच्छा सबक था कि लोगों को हमें संपूर्ण सुसमाचार सुनाना है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक में हम पाते हैं कि जब फिलेप्पुस से इथयोपियाई अधिकारी ने परमेश्वर के वचन के एक खंड के बारे में, जिसे वह समझ नहीं पा रहा था, पूछा "तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया" (प्रेरितों 8:35)।

   प्रभु यीशु के सुसमाचार को औरों को बताएं; लोगों को समझाएं कि हम सब पापी हैं, और हमें पापों की क्षमा और उद्धार की आवश्यकता है; परमेश्वर के सिध्द पुत्र, प्रभु यीशु ने हमें पापों के दण्ड से बचाने और हमारा उद्धार करने के लिए अपने प्राण बलिदान किए। लेकिन साथ ही यह भी बताएं कि वह केवल बलिदान ही नहीं हुआ, वरन तीसरे दिन मृतकों में से उसका पुनरुत्थान भी हुआ, और इस प्रकार उसने संसार पर प्रमाणित कर दिया कि वह मृत्यु पर जयवंत है। हमारा और जगत का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह आज जीवित है; वह हमें पापों से क्षमा और उद्धार तथा अपना अलौकिक जीवन एवं उसकी आशीषें देना चाहता है, हमें परमेश्वर कि सन्तान बनाकर रखना चाहता है।

   जब भी कोई प्रभु यीशु मसीह के बारे में जानना चाहे, तो हम उसे प्रभु यीशु की संपूर्ण कहानी अवश्य सुनाएं। - डेव ब्रैनन


यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, 
जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। - यूहन्ना 11:25

क्योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है। - 1 कुरिन्थियों 1:18

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-37
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है। 
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था। 
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था। 
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले। 
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है? 
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ। 
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था: "वह भेड़ के समान वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।" 
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। 
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया। 
Acts 8:36 मार्ग में चलते चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे, तब खोजे ने कहा, देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है। 
Acts 8:37 फिलेप्पुस ने कहा, यदि तू सारे मन से विश्वास करता है तो हो सकता है: उसने उत्तर दिया मैं विश्वास करता हूं कि यीशु मसीह परमेश्वर का पुत्र है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40


Monday, June 26, 2017

दृष्टि और दृष्टिकोण


   इस सृष्टि में जो कुछ हो रहा है, उसमें से अधिकांश को हम देख ही नहीं पाते हैं, क्योंकि अनेकों चीज़ें या तो बहुत सूक्ष्म हैं, या बहुत तेज़ी से घटित होती हैं, या बहुत ही धीमी गति से होती हैं, जिससे उन्हें देख पाना हमारे लिए संभव नहीं हो पाता है। लेकिन आधुनिक तकनीकी के प्रयोग द्वारा फिल्म बनाने वाले ल्युइस श्वार्टज़्बर्ग ने इन में से कुछ चीज़ों के अद्भुत वीडियो बनाए हैं, जैसे कि इल्ली (कैटरपिलर) का मूँह, मक्खी की आँख, कुकुरमुत्ते (मशरूम) का बढ़ना आदि।

   इस भौतिक संसार की वस्तुओं की सूक्ष्म तथा पेचीदा जानकारी न ले पाना हमें स्मरण करवाता है कि आत्मिक संसार की बातों को जान और समझ पाने में भी हम उतने ही असक्ष्म हैं। परमेश्वर हमारे चारों ओर कार्यरत है, और ऐसे अद्भुत कार्य कर रहा है हम जिनकी कल्पना भी नहीं कर सकते; परन्तु हमारी आत्मिक दृष्टि इतनी सीमित है कि हम उन कार्यों को देख नहीं पाते हैं, उनका आभास भी हमें नहीं हो पाता है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र, परमेश्वर का भविष्यद्वक्ता, एलिशा, परमेश्वर के अलौकिक कार्य की एक झलक देखने पाया, और उसकी प्रार्थना के उत्तर में एलीशा का सेवक भी उस स्वर्गीय सेना को देख पाया जिसे परमेश्वर ने उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किया था (2 राजा 6:17)।

   भय के कारण हम अकसर कमज़ोर और असहाय अनुभव करते हैं; हमें लगता है कि हम संसार में अकेले पड़ गए हैं। परन्तु परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को आश्वस्त किया है कि उसका आत्मा जो हमारे अन्दर निवास करता है, वह संसार कि किसी भी ताकत से कहीं अधिक बढ़कर है (1 यूहन्ना 4:4)।

   जब भी हम शैतान के किसी भी काम के कारण निराश या भयभीत हों, तो परमेश्वर द्वारा संसार में हो रहे अद्भुत कार्यों की ओर दृष्टि करें; उन कार्यों पर, और उन्हें करने वाले पर ध्यान लगाएं; और हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक हो जाएगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


विश्वास की दृष्टि, हर स्थान पर परमेश्वर को कार्यरत देखती है।

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। - 1 यूहन्ना 4:4

बाइबल पाठ: 2 राजा 6:13-23
2 Kings 6:13 राजा ने कहा, जा कर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेज कर उसे पकड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है। 
2 Kings 6:14 तब उसने वहां घोड़ों और रथों समेत एक भारी दल भेजा, और उन्होंने रात को आकर नगर को घेर लिया। 
2 Kings 6:15 भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है। और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय! मेरे स्वामी, हम क्या करें? 
2 Kings 6:16 उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं। 
2 Kings 6:17 तब एलीशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलीशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है। 
2 Kings 6:18 जब अरामी उसके पास आए, तब एलीशा ने यहोवा से प्रार्थना की कि इस दल को अन्धा कर डाल। एलीशा के इस वचन के अनुसार उसने उन्हें अन्धा कर दिया। 
2 Kings 6:19 तब एलीशा ने उन से कहा, यह तो मार्ग नहीं है, और न यह नगर है, मेरे पीछे हो लो; मैं तुम्हें उस मनुष्य के पास जिसे तुम ढूंढ़ रहे हो पहुंचाऊंगा। तब उसने उन्हें शोमरोन को पहुंचा दिया। 
2 Kings 6:20 जब वे शोमरोन में आ गए, तब एलीशा ने कहा, हे यहोवा, इन लोगों की आंखें खोल कि देख सकें। तब यहोवा ने उनकी आंखें खोलीं, और जब वे देखने लगे तब क्या देखा कि हम शोमरोन के मध्य में हैं। 
2 Kings 6:21 उन को देखकर इस्राएल के राजा ने एलीशा से कहा, हे मेरे पिता, क्या मैं इन को मार लूं? मै&#