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Sunday, April 30, 2017

रूपान्तरण


   मीडिया द्वारा संचालित एवं प्रभावित हमारे वर्तमान युग में संसार के समक्ष हमारे स्वरूप को संवार कर प्रस्तुत करने वाले परामर्शदाता अत्यंत अनिवार्य से हो गए हैं। मनोरंजन करने वाले, खिलाड़ी, राजनैतिज्ञ, व्यवसायिक अगुवे आदि सभी इस बात का बहुत ध्यान रखते हैं कि वे संसार को कैसे प्रतीत होते हैं। ऐसे लोगों के मध्य ये ऊँची कीमतों पर कार्य करने वाले परामर्शदाता अपने ग्राहकों की छवि को संसार के समक्ष सजा-संवार कर प्रस्तुत करने में लगे रहते हैं - चाहे वासत्वकिता और उनके द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली अपने ग्राहकों की छवि में कोई सामंजस्य ना भी हो।

   जिस बात की हमें और संसार के सभी लोगों को वासत्विक आवश्यकता है वह कोई बाहरी रूप-सज्जा नहीं वरन भीतरी रूपान्तरण है। हमारे भीतर की त्रुटियों और कमज़ोरियों को बाहरी सजावट से सुधारा नहीं जा सकता है। हमारा भीतरी मनुष्यत्व - वह जो हम अपने मन-मस्तिष्क में हैं, वही हमारा वास्तविक स्वरूप है। हमारी भीतरी दशा हमें दिखाती है कि हम अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर से, जिसके स्वरूप में हम रचे गए हैं, कितनी दूर जा चुके हैं; उस परमेश्वर पिता की धार्मिकता के स्तर से कितना गिर चुके हैं। क्योंकि हमारा भीतरी स्वरूप हमारे पापों के कारण बिगड़ा है, इसलिए हमारे पापों का सार्थक एवं स्थाई समाधान ही हमारे भीतरी स्वरूप को वास्तविकता में संवार सकता है, हमारा सच्चा रूपान्तरण कर सकता है। क्योंकि पाप का समाधान मनुष्य के पास है नहीं, इसलिए यह रूपान्तरण कर पाना भी किसी मानवीय क्षमता से कहीं परे है; यह उसी सृष्टिकर्ता परमेश्वर द्वारा संभव है जिसने हमें अपने स्वरूप रचा है।

   यह वास्तविक रूपान्तरण हमें मसीह यीशु में लाए साधारण विश्वास और उससे प्राप्त होने वाली पापों की क्षमा द्वारा मिलता है; क्योंकि प्रभु यीशु हमें बाहर से नहीं वरन अन्दर से संवारता और सुधारता है। प्रभु यीशु मसीह का अनुयायी होना कोई धर्म-परिवर्तन नहीं, मन का परिवर्तन है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखा, "...क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है" (कुलुस्सियों 3:9-10)।

   नया! एक अद्भुत आशा से भरा यह कैसा ज़बर्दस्त शब्द है। मसीह यीशु हमें अपने अन्दर एक नया मनुष्य बना देता है, हमारा रूपान्तरण कर के हमें एक नया हृदय, एक नया व्यक्तित्व प्रदान करता है; वह भी सेंत-मेंत, किसी धर्म के कार्य या प्रक्रिया या अनुष्ठान के द्वारा नहीं वरन उसके प्रति केवल हमारे व्यक्तिगत एवं सच्चे समर्पण और विश्वास के द्वारा। प्रभु यीशु मसीह द्वारा किया जाने वाला यह रूपान्तरण केवल बाहरी स्वरूप का, अथवा अल्पकालिक नहीं वरन भीतरी, सच्चा, सार्थक एवं चिरस्थाई है। यह रूपान्तरण हमें परमेश्वर के स्वरूप की ओर लौटा लाता है जिसमें हम मूल रूप से रचे गए थे। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का आत्मा हम मसीही विश्वासियों के अन्दर 
मसीह का स्वरूप विकसित करता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-11
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19


Saturday, April 29, 2017

तत्पर और तैयार


   तकनीकी से हमें बहुत सुविधाएं एवं आशीषें हैं। किसी स्वास्थ्य संबंधित समस्या के बारे में जानकारी चाहिए, तो इंटरनैट पर जाएं, और वहाँ आपको जानकारी प्राप्त करने के अनेकों विकल्प मिल जाएंगे। किसी मित्र से संपर्क करना है, तो उसे टेक्स्ट लिखकर, ईमेल भेजकर, या उसके फेसबुक पृष्ठ पर सन्देश लिखकर आप अपनी बात उस तक तुरंत पहुँचा सकते हैं। परन्तु तकनीकी कभी-कभी कुंठित कर देने वाली भी हो सकती है। कुछ समय पहले मुझे अपने बैंक खाते से संबंधित कुछ जानकारी लेनी थी, जिसे पाने के लिए मुझे अनेकों सुरक्षा-प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। क्योंकि उन प्रश्नों में से कुछ के उत्तर मैं सही नहीं दे पाया इसलिए मुझे अपने ही खाते की जानकारी पाने से रोक दिया गया। या फिर किसी ऐसे समय के बारे में विचार कीजिए जब आप अपने सेल-फोन पर कोई महत्वपूर्ण वार्तालाप कर रहे हैं और फोन की बैट्री समाप्त हो जाए; ऐसा होते ही आपकी बातचीत कट जाएगी और जब तक आप फोन को चार्ज होने के लिए लगा नहीं देंगे, बातचीत पुनः आरंभ करने का कोई तरीका सम्भव नहीं है।

   इस सब के कारण मुझे इस सत्य से बहुत आनन्द होता है कि परमेश्वर के साथ संपर्क करने के लिए मुझे किसी तकनीकी यंत्र की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं चाहे जब, किसी भी स्थान या परिस्थिति में परमेश्वर पिता के साथ प्रार्थना द्वारा संपर्क कर सकता हूँ। ना किसी सुरक्षा-प्रश्न का उत्तर देने की आवश्यकता है और ना ही बैट्री को चार्ज रखने का ध्यान रखने की। मुझे वह आश्वासन बहुत प्रीय है जो परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने दिया है, "और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है" (1 यूहन्ना 5:14)।

   परमेश्वर पिता अपने बच्चों को सदा उपलब्ध रहता है; वह ना कभी ऊँघता है और न ही कभी सोता है (भजन 121:4)। और हमारे प्रति उसका प्रेम इतना गहरा है कि वह हमारी हर बात सुनने के लिए सदा तत्पर और तैयार रहता है। - जो स्टोवैल


हमारी प्रत्येक आवश्यकता में परमेश्वर सदा उपलब्ध रहता है।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा। - भजन 121:4

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 5:5-15
1 John 5:5 संसार पर जय पाने वाला कौन है केवल वह जिस का यह विश्वास है, कि यीशु, परमेश्वर का पुत्र है। 
1 John 5:6 यही है वह, जो पानी और लोहू के द्वारा आया था; अर्थात यीशु मसीह: वह न केवल पानी के द्वारा, वरन पानी और लोहू दोनों के द्वारा आया था। 
1 John 5:7 और जो गवाही देता है, वह आत्मा है; क्योंकि आत्मा सत्य है। 
1 John 5:8 और गवाही देने वाले तीन हैं; आत्मा, और पानी, और लोहू; और तीनों एक ही बात पर सहमत हैं। 
1 John 5:9 जब हम मनुष्यों की गवाही मान लेते हैं, तो परमेश्वर की गवाही तो उस से बढ़कर है; और परमेश्वर की गवाही यह है, कि उसने अपने पुत्र के विषय में गवाही दी है। 
1 John 5:10 जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिसने परमेश्वर को प्रतीति नहीं की, उसने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उसने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है। 
1 John 5:11 और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्र में है। 
1 John 5:12 जिस के पास पुत्र है, उसके पास जीवन है; और जिस के पास परमेश्वर का पुत्र नहीं, उसके पास जीवन भी नहीं है।
1 John 5:13 मैं ने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिये लिखा है; कि तुम जानो, कि अनन्त जीवन तुम्हारा है। 
1 John 5:14 और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है। 
1 John 5:15 और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47


Friday, April 28, 2017

भय


   जब सैलिनियों से भरा पानी का जहाज़ किनारे पहुँचा तो यात्री जितना शीघ्र हो सका जहाज़ से उतरने लगे। उन्होंने पिछले कुछ दिन जहाज़ में एक जीवाणु के संक्रमण के साथ बिताए थे, जिससे सैंकड़ों यात्री बीमार पड़ गए थे। उतरते हुए यात्रियों से उनके अनुभवों के बारे में पूछताछ कर रहे समाचार संवाददाता द्वारा पूछे जाने पर एक यात्री ने कहा, "मैं शिकायत तो नहीं करना चाहता; क्योंकि हम सभी एक ही नाव पर सवार थे।" यात्री की यह बात सुनकर वह संवाददाता मुस्कुरा उठा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 8 में हम एक अन्य जल यात्रा के बारे में पढ़ते हैं (पद 23-27)। प्रभु यीशु एक नाव में चढ़े और चेले भी उनके पीछे उसी नाव में चढ़ गए। वे झील के पार जा रहे थे कि एक बड़े तूफान ने उन्हें घेर लिया, नाव बुरी तरह से डगमगाने लगी और चेलों को भय लगने लगा कि नाव अब डूब ही जाएगी। उन्होंने घबरा कर प्रभु यीशु को उठाया, यह समझकर कि वह उनपर मंडरा रहे खतरे से अनभिज्ञ है।

   प्रभु यीशु उन चेलों के साथ उसी नाव में तो था परन्तु चेलों के समान वह तूफान से भयभीत नहीं था। सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता होने के नाते उसे इन बातों का कोई भय नहीं था; "...तब उसने उठ कर आन्‍धी और पानी को डांटा, और सब शान्‍त हो गया" (मत्ती 8:26)।

   परन्तु हम प्रभु यीशु के समान सामर्थी नहीं हैं, इसीलिए परिस्थितियों द्वारा हम भयभीत हो जाते हैं। जब हमारे जीवन परिस्थितियों के तूफानों में घिरने लगें तो हमें क्या करना चाहिए? वे तूफान चाहे जल्दी से निकल जाएं या फिर लंबे समय तक बने रहें, हम एक बात को लेकर आश्वस्त रह सकते हैं, हमारा उध्दारकर्ता प्रभु यीशु सदा हमारे साथ बना रहता है; हम उसके साथ एक ही नाव में सवार हैं जिसकी बात हर तूफान और परिस्थिति मानती है। इसलिए जिसका उसे भय नहीं है, उसे लेकर हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। - सिंडी हैस कैस्पर


एक मसीही विश्वासी के जितना निकट प्रभु परमेश्वर रहता है, 
उतना निकट कोई तूफान कभी नहीं आ सकता है।

और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उन के साथ काम करता रहा, और उन चिन्‍हों के द्वारा जो साथ साथ होते थे वचन को, दृढ़ करता रहा। आमीन। - मरकुस 16:20

बाइबल पाठ: मत्ती 8:23-27
Matthew 8:23 जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 8:24 और देखो, झील में एक ऐसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
Matthew 8: