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Wednesday, August 31, 2016

बलिदान


   चीन के हुनान प्रान्त में जब डेंग जिंजी ने सनशुई नदी के पानी में फंसे लोगों को देखा तो वह उन्हें नज़रन्दाज़ करके आगे नहीं बढ़ गया, वरन पानी में कूदा और उस परिवार के चार लोगों को बचाया। लेकिन वे बचाए हुए लोग उसके पानी से बाहर आने के लिए रुके नहीं, उसे पानी में ही छोड़कर आगे चले गए। जिंजी, जो इस बचाव कार्य की मेहनत से बहुत थक गया था, थकान के मारे पानी में स्थिर नहीं रह सका और धारा उसे बहा कर ले गई, वह डूब गया।

   हम जब पाप में डूब रहे थे तब प्रभु यीशु हमें बचाने के लिए पाप से भरे इस संसार में मानव रूप में आए। हम सभी के सारे पापों को अपने ऊपर लेकर, हमारे लिए क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान और मृत्योपरांत तीसरे दिन अपने पुनरुत्थान के द्वारा उन्होंने पापों से हमारे बचाव का मार्ग तैयार करके दिया। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, "हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए" (1 यूहन्ना 3:16)। प्रभु यीशु का अपने बलिदान द्वारा प्रदर्शित यह प्रेम अब हमें उकसाता है कि हम भी दूसरों के प्रति ऐसा ही सच्चा प्रेम दिखाएं, कार्यों और सत्य के द्वारा (पद 18)।

   यदि हम प्रभु यीशु के इस निःस्वार्थ बलिदान और प्रेम को नज़रन्दाज़ करते हैं, तो यह सूचक है कि हमने अपने प्रति उसके प्रेम की महानता को नहीं पहचाना है। वह आपको पापों के दुषपरिणामों से बचाने के लिए स्वर्ग के वैभव और महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया और बलिदान हुआ। उसके बलिदान को अपने जीवन में सार्थक करें; उसके प्रेम को स्वीकार करके उसके साथ आशीषित अनन्त जीवन का संबंध बना लें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए अपना जीवन बलिदान किया।

वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। - 1 पतरस 2:24

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:16-24
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। 
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? 
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। 
1 John 3:19 इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसके विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। 
1 John 3:20 क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। 
1 John 3:21 हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। 
1 John 3:22 और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं। 
1 John 3:23 और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उसने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। 
1 John 3:24 और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह उस में, और वह उन में बना रहता है: और इसी से, अर्थात उस आत्मा से जो उसने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34


Tuesday, August 30, 2016

साहस


   एक ऊदबिलाव हमारे गैराज के किनारों को काटने लग गया था; उसे पकड़कर पार्क में लेजाकर छोड़ने के लिए मैंने पिंजरा लिया और उसे आकर्षित करने के लिए पिंजरे में भोजन वस्तुएं डाल दीं। अगले दिन सुबह मैं यह देखकर बड़ा उत्साहित हुआ कि पिंजरे में एक जानवर बन्द हो गया है। लेकिन जब पास जाकर देखा तो पिंजरे में ऊदबिलाव नहीं वरन एक बिज्जु था। अब मेरे सामने उस बिज्जु को पिंजरे से बाहर निकालने की समस्या थी, क्योंकि वे जानवर डरने पर अपने बचाव के लिए तीव्र दुर्गन्धात्मक पदार्थ छोड़ते हैं जिसकी दुर्गन्ध बहुत परेशान करती है, और मैं उस दुर्गन्ध को अपने ऊपर आने देना कदापि नहीं चाहता था।

   इसलिए उसे पिंजरे से निकालने के तरीके पाने के लिए मैं इंटरनैट पर खोजने लगा। तरीके तो मिले लेकिन सब ही अपने आप को बचाने के लिए बहुत सावधानी बरतने को कह रहे थे; वे प्लास्टिक के थैले, दस्ताने, तिर्पाल, चशमे, कंबल आदि के प्रयोग के लिए बता रहे थे। बिज्जु को पिंजरे से निकालने का कार्य खतरनाक और डरावना लगने लगा था। ऐसे में मेरा दामाद, ईविंग, सामने आया। वह बस पिंजरे तक गया, उसके दरवाज़े को खोला और बाग़ में पानी डालने वाले पाइप से पानी की धार बिज्जु पर डाली, और वह पिंजरे से निकलकर भाग निकला।

   हमारे भय हमें अकसर निषक्रीय कर देते हैं; हम अपनी सुरक्षा को लेकर इतने चिंतित रहते हैं कि परिस्थिति का सामना करने से घबराने लगते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि जब राजा आसा को ज्ञात हुआ कि परमेश्वर चाहता है कि वह इस्त्राएल में से सभी मूर्तियाँ हटा दे, तो उसने ऐसा करने का साहस किया (2 इतिहास 15:8)। ऐसा करने से राज्य में बलवा हो सकता था, लेकिन आसा ने परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए उसके कहे कार्य को करने का साहस किया, और परिणामस्वरूप देश में खुशहाली आई: "और यह शपथ खाकर सब यहूदी आनन्दित हुए, क्योंकि उन्होंने अपने सारे मन से शपथ खाई और बडी अभिलाषा से उसको ढूंढ़ा और वह उन को मिला, और यहोवा ने चारों ओर से उन्हें विश्राम दिया" (2 इतिहास 15:15)।

   क्या आपके सामने कोई आत्मिक चुनौती खड़ी है? परमेश्वर पर परिणाम के लिए भरोसा रख कर, साहस के साथ आगे बढ़ें और परमेश्वर की इच्छा पूरी करें। - डेव ब्रैनन


साहस वह भय है जो प्रार्थना के साथ परमेश्वर को समर्पित कर दिया गया है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशु 1:7

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 15:1-12
2 Chronicles 15:1 तब परमेश्वर का आत्मा ओदेद के पुत्र अजर्याह में समा गया, 
2 Chronicles 15:2 और वह आसा से भेंट करने निकला, और उस से कहा, हे आसा, और हे सारे यहूदा और बिन्यामीन मेरी सुनो, जब तक तुम यहोवा के संग रहोगे तब तक वह तुम्हारे संग रहेगा; और यदि तुम उसकी खोज में लगे रहो, तब तो वह तुम से मिला करेगा, परन्तु यदि तुम उसको त्याग दोगे तो वह भी तुम को त्याग देगा।
2 Chronicles 15:3 बहुत दिन इस्राएल बिना सत्य परमेश्वर के और बिना सिखाने वाले याजक के और बिना व्यवस्था के रहा। 
2 Chronicles 15:4 परन्तु जब जब वे संकट में पड़ कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर फिरे और उसको ढूंढ़ा, तब तब वह उन को मिला। 
2 Chronicles 15:5 उस समय न तो जाने वाले को कुछ शांति होती थी, और न आने वाले को, वरन सारे देश के सब निवासियों में बड़ा ही कोलाहल होता था। 
2 Chronicles 15:6 और जाति से जाति और नगर से नगर चूर किए जाते थे, क्योंकि परमेश्वर नाना प्रकार का कष्ट देकर उन्हें घबरा देता था। 
2 Chronicles 15:7 परन्तु तुम लोग हियाव बान्धो और तुम्हारे हाथ ढीले न पड़ें, क्योंकि तुम्हारे काम का बदला मिलेगा। 
2 Chronicles 15:8 जब आसा ने ये वचन और ओदेद नबी की नबूवत सुनी, तब उसने हियाव बान्ध कर यहूदा और बिन्यामीन के सारे देश में से, और उन नगरों में से भी जो उसने एप्रैम के पहाड़ी देश में ले लिये थे, सब घिनौनी वस्तुएं दूर कीं, और यहोवा की जो वेदी यहोवा के ओसारे के साम्हने थी, उसको नये सिरे से बनाया। 
2 Chronicles 15:9 और उसने सारे यहूदा और बिन्यामीन को, और एप्रैम, मनश्शे और शिमोन में से जो लोग उसके संग रहते थे, उन को इकट्ठा किया, क्योंकि वे यह देख कर कि उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग रहता है, इस्राएल में से उसके पास बहुत से चले आए थे। 
2 Chronicles 15:10 आसा के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष के तीसरे महीने में वे यरूशलेम में इकट्ठे हुए। 
2 Chronicles 15:11 और उसी समय उन्होंने उस लूट में से जो वे ले आए थे, सात सौ बैल और सात हजार भेड़-बकरियां, यहोवा को बलि कर के चढ़ाई। 
2 Chronicles 15:12 और उन्होंने वाचा बान्धी कि हम अपने पूरे मन और सारे जीव से अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 129-131
  • 1 कुरिन्थियों 11:1-16


Monday, August 29, 2016

अनुबंध


   यदि आप मेरे समान करते हैं, तो इंटरनैट पर उपलब्ध विभिन्न सेवाओं और सॉफ्टवेयर के उपयोग संबंधी अनुबंध को पूरा पढ़े बिना ही आप भी उसके लिए अपनी सहमति दे देते हैं। वे अनुबंध कई पेज लंबे और कानूनी शब्दावली के प्रयोग के कारण समझने में इतने जटिल होते हैं कि मुझ जैसे साधारण व्यक्ति की समझ के बाहर होते हैं।

   इसीलिए मुझे बड़ा अचंभा हुआ जब अफ्रीका में रहने वाले मेरे एक मित्र ने मुझे एक ऑनलाईन सॉफ्टवेयर के प्रयोग से संबंधित इस अनुपम अनुबंध से अवगत करवाया। बजाए यह बताने के कि इस सॉफ्टवेयर को कब और कैसे प्रयोग नहीं करना है, सॉफ्टवेयर को बनानेवाला एक सरल शब्दों में लिखी गई आशीष लोगों के सामने रखता है, और उनसे विनती करता है कि उस सॉफ्टवेयर का प्रयोग औरों की भलाई के लिए किया जाए। उस अनुबंध में लिखा था: "होने दें कि आप बुराई नहीं वरन भलाई करें। आपको अपने लिए क्षमा मिले तथा आप दुसरों को क्षमा करने वाले बनें। आप मुक्त होकर बाँटें, और जितना आपने दिया है उससे अधिक कभी ना लें।"

   यह पढ़कर मैंने पहले सोचा, "क्या बात है! कितना अच्छा हो यदि प्रयोग करने के और भी अनुबंध इसी प्रकार आशीष के रूप में दिए जाएं ना कि कानूनी दस्तावेज़ के रूप में।" फिर मुझे ध्यान आया, जो अनुबंध प्रभु यीशु हमारे साथ करता है, वह भी तो ऐसा ही आशीषपूर्ण है। प्रभु यीशु अपने पास आने और उसे स्वीकार करने वाले प्रत्येक जन को पापों से क्षमा, परमेश्वर के साथ शान्ति एवं संगति तथा परमेश्वर के पवित्र आत्मा की सहभागिता देने का वायदा करता है। इसके बदले में वह चाहता है कि जैसे हमें क्षमा मिली है, हम भी दूसरों को क्षमा करें (लूका 6:37), जैसा वह हमसे प्रेम करता है वैसा ही हम भी दूसरों से करें (यूहन्ना 13:34) और जैसा वह हमारे साथ भलाई करता है वैसे ही हम भी दुसरों के साथ भलाई करें (गलतियों 6:10)।

   प्रभु यीशु द्वारा किए गए इस अनुबंध की खूबसुरती यह है कि चाहे हम इसकी शर्तें पूरी ना भी कर पाएं, वह हमारे साथ अपने अनुबंध को कभी नहीं तोड़ता है; वरन हमें सामर्थ और साहस देता है कि हम उन शर्तों को पूरा करने के प्रयास करते रहें और उसके साथ उसकी आशीषों में बने रह सकें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; 
विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। - यूहन्ना 13:34

बाइबल पाठ: लूका 6:27-37
Luke 6:27 परन्तु मैं तुम सुनने वालों से कहता हूं, कि अपने शत्रुओं से प्रेम रखो; जो तुम से बैर करें, उन का भला करो। 
Luke 6:28 जो तुम्हें श्राप दें, उन को आशीष दो: जो तुम्हारा अपमान करें, उन के लिये प्रार्थना करो। 
Luke 6:29 जो तेरे एक गाल पर थप्पड़ मारे उस की ओर दूसरा भी फेर दे; और जो तेरी दोहर छीन ले, उसको कुरता लेने से भी न रोक। 
Luke 6:30 जो कोई तुझ से मांगे, उसे दे; और जो तेरी वस्तु छीन ले, उस से न मांग। 
Luke 6:31 और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो। 
Luke 6:32 यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखते हैं। 
Luke 6:33 और यदि तुम अपने भलाई करने वालों ही के साथ भलाई करते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी ऐसा ही करते हैं। 
Luke 6:34 और यदि तुम उसे उधार दो, जिन से फिर पाने की आश